न पिता का साया न भाई का साथ, परिवार पाई पाई को मोहताज, बेटी की उठनी है डोली।
जरूरतमंद बेटी की शादी में समाज सेवी मुहम्मद युनुस खान ने किया सहयोग, पहल ने जगाई उम्मीद।

स्वाभिमान जागरण संवाददाता, लक्ष्मीपुर, महराजगंज।
महराजगंज जनपद के नौतनवा तहसील अंतर्गत ग्राम सभा धोतियाहवां से एक ऐसी मार्मिक तस्वीर सामने आई है, जो विकास के तमाम सरकारी दावों और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यहाँ मरहूम यूसुफ अली का परिवार आज दाने-दाने को मोहताज है। घर में न पिता का साया है और न ही भाई का सहारा, हालात इतने बदतर हैं कि परिवार के पास आज के भोजन की व्यवस्था है तो कल की चिंता ललाट पर साफ दिखती है।
इस घोर विपदा के बीच परिवार में बेटी की शादी तय है, जो ईद के बाद 26 मार्च को होनी है। अपनों के अभाव में बेसहारा खड़ी इस बेटी के हाथ पीले करने के लिए समाज के रहमोकरम का ही एकमात्र सहारा बचा है। जब सरकारी तंत्र की नज़र इस परिवार पर नहीं पड़ी, तब समाजसेवी युनुस खान ने आगे बढ़कर सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से गुहार लगाई। उनकी इस मानवीय पहल पर असरद और अभिषेक के साथ मिलकर 16,020 रुपये एकत्रित किए गए और पीड़ित परिवार को सौंपे गए, ताकि शादी की तैयारियों को थोड़ी गति मिल सके।
हैरानी की बात यह है कि एक तरफ सरकार हर गरीब को छत देने के लिए महत्वाकांक्षी आवास योजनाएं चला रही है, वहीं दूसरी तरफ इस पात्र और बेसहारा परिवार को आज तक इस योजना का लाभ नहीं मिला। इतनी पारदर्शिता के दावों के बावजूद यह परिवार सिस्टम की अनदेखी का शिकार क्यों है, यह एक बड़ा प्रश्न है। शादी में अब बहुत ही कम समय बचा है और इस परिवार को केवल सहानुभूति की नहीं, बल्कि समाज और प्रशासन के ठोस सहयोग की सख्त जरूरत है। उम्मीद है कि इस मार्मिक पुकार को सुनकर प्रशासन की नींद टूटेगी और इस बेटी की विदाई सम्मानजनक तरीके से हो सकेगी।



