
पांडे एन डी देहाती /स्वाभिमान जागरण
चित्तौड़गढ़। रविवार को गोरखनाथ मंदिर के पीठाधिश्वर व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजस्थान के चित्तौड़गढ़ पहुंचे। यहाँ वे रत्नेशवर महादेव मंदिर की 375वीं वर्षगांठ पर आयोजित समारोह व जौहर श्रद्धांजलि समारोह में भाग लिया।

चित्तौड़गढ़ दुर्ग की तलहटी में जौहर श्रद्धांजलि समारोह को सम्बोधित करते हुए योगी ने कहा कि मेरे पूज्य दादा गुरु इसी भूमि से गोरखपुर गए थे। इस भूमि से गोरखपुर जाकर वे गोरखनाथ पीठ के मुखिया बने थे। राजस्थान, चित्तौड़गढ़, मेवाड़ के वीरों के शौर्य-पराक्रम, वीरांगनाओं के जौहर और मीराबाई की भक्ति की धुन से भारत अभिभूत होता है। नारी अस्मिता, सम्मान, स्वावलंबन की अमर गाथा हमें प्रेरणा प्रदान कर रही है। वीरभूमि ने भारत को पहचान दी है। चित्तौड़गढ़ का किला केवल पत्थरों से बना दुर्ग नहीं, बल्कि भारत की अस्मिता का प्रहरी है। हर सच्चे भारतीय के मन में इस वीरभूमि और यहां के राणाओं के शौर्य व राष्ट्र के लिए उनके बलिदान के प्रति श्रद्धा का भाव है।
सीएम योगी ने जनसमूह से पूछा कि वे कौन लोग हैं, जो जातिवाद के आधार पर समाज को बांट रहे हैं। अफवाह के आधार पर विश्वास का संकट खड़ा कर रहे हैं। भारत-भारत न बना रहे, इसके लिए दुष्चक्र कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये वही लोग हैं, जिन्होंने कहा था कि राम-कृष्ण हुए ही नहीं। राम मंदिर आंदोलन में विरोधी पक्ष के साथ मिले और फैसला न होने देने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाया था। ये लोग रामसेतु तोड़ने के लिए उतावले दिखाई देते हैं, राम मंदिर निर्माण का विरोध करते हैं। ये लोग देश में अविश्वास का वातावरण पैदा कर रहे हैं और संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। इनका मकसद भारत को कठघरे में खड़ा करके अविश्वसनीय बना देना है। इन्हें देश की चिंता नहीं है। इनके अपने अस्तित्व पर संकट है, इसलिए भारत की अस्मिता से खिलवाड़ करने पर उतारू हैं।
योगी पूरे समारोह में लगभग दो घंटे मंच पर रहे, जिसमें 45 मिनट उन्होंने स्वयं उपस्थित लोगों को सम्बोधित किया। योगी दो दिवसीय दौरे पर आएं हैं। रात्रि विश्राम जालौर में हुआ। सोमवार को योगी जी धर्म सभा को सम्बोधित करेंगे।



