प्रधानपति, कानूनगो, लेखपाल, सफाई कर्मी सहित 6 लोगों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज
लार ब्लाक के एडीओ ने मईल थाने में दर्ज कराया केस

स्वाभिमान जागरण मईल। स्थानीय थाने में परडी गजराज के प्रधानपति, गाँव के सफाईकर्मी, राजस्व निरीक्षक व लेखपाल सहित 6 के विरुद्ध धोखाधड़ी, जलसाजी के गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ। यह केस लार विकास खंड के सहायक पंचायत अधिकारी चंद्र प्रकाश मिश्र की तहरीर पर बी एन एस की धारा 319(2),318(2),338,336(2),340(2),316(5)व 316(2)के तहत मईल थाना के परडी गजराज गाँव की निवासी माया देवी, प्रधान पति राम प्रताप सिंह, प्रधान पुत्र राहुल प्रताप सिंह, लेखपाल राजकुमार यादव, कानूनगो धर्म प्रकाश सिंह व सफाईकर्मी राम राज प्रसाद के विरुद्ध दर्ज हुआ।
पुलिस को दी गयी तहरीर में कहा गया है कि मुख्य राजस्व अधिकारी के आदेश संख्या 387/आलि0-25 दिनांक 10 मार्च, 2026 का सन्दर्भ ग्रहण करें जिसके द्वारा ग्राम पडरी गजराज, तप्पा बलिया, परगना-सलेमपुर मझौली, तहसील सलेमपुर जनपद देवरिया में स्थित गाटा संख्या-34 रकबा 0.0810 हे व गाटा संख्या-25, रकबा 0.0400हे, जो संस्था पं जवाहर लाल कृषक इण्टर कालेज, महुआबारी, लार रोड देवरिया के कब्जे में चली आ रही है, पर मूल खातेदार फेकू पुत्र सुखन का नाम दर्ज रहा, जिनकी मृत्यु 30 वर्ष पूर्व हो चुकी है तथा जिनकी कोई विधिक वारिस भी नहीं है. जिस पर अनुचित रुप से लाभ लेने की नियत से ग्राम प्रधान (इन्दू देवी के पति रामप्रताप) के प्रतिनिधि के द्वारा लेखपाल अजय कुमार यादव एवं राजस्व निरीक्षक धर्मप्रकाश सिंह द्वारा मृतक की तथाकथित पत्नी माया देवी का नाम बतौर वरासत दर्ज किया गया, जिसके पश्चात् गाटा संख्या-34, रकबा 0.0810हे0 में से रकबा 0.0245 हे भूमि मु 66,67,920/- में बैनामा मुख्य विकास अधिकारी देवरिया के नाम से पंचायतीराज विभाग देवरिया को पंचायत भवन के निर्माण हेतु दिनांक 20.05.2025 को किया गया तथा उक्त गाटे के रकबा 0.0074 हे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-727 बी नवलपुर-सिकन्दरपुर हेतु अधिग्रहित किया गया, जिसके मुआवजा के रुप में रु0 5,44,254/- व गाटा संख्या-25 रकबा 0.0400 हे0 में से रकबा 0.0026 हे0 को भी अधिग्रहित किया गया, जिसके फलस्वरुप मुआवजे के रुप में 1,91224/- कुल धनराशि 74.03.398/- माया देवी द्वारा प्राप्त किया गया, जिसकी शिकायत उक्त संस्था के प्रबन्धक शैलेन्द्र कुमार सिंह पुत्र स्व रामनगीना सिंह द्वारा जांच कराये जाने एवं बैनामा व नामान्तरण निरस्तर कर सरकारी धन का रिकवरी कराये जाने हेतु प्रार्थना पत्र दिनांकित 24.02.2026 द्वारा अनुरोध किया गया। प्रार्थना-पत्र में वर्णित तथ्यों की जांच हेतु उपजिलाधिकारी सलेमपुर के पत्र दिनांक 24.02.2026 द्वारा गठित राजस्व टीम द्वारा दिनांक 26.02.2026/27.02.2026 को स्थलीय एवं अभिलेखीय जांच की गयी। उपजिलाधिकारी सलेमपुर की जांच आख्या दिनांक 09.03.2026 के अवलोकनोपरान्त जांच आख्या के निष्कर्ष में वर्णित 04 बिन्दुओं में बिन्दु संख्या-1 व 2 में निम्नवत तथ्य दर्शित किये गये बिन्दु संख्या 1 मृतक फेकू की वरासत, जो माया देवी को बतौर पत्नी की गयी है। वह तत्कालीन लेखपाल व राजस्व निरीक्षक द्वारा बिना समुचित जांच के की गयी है। यह वरासत विवादित थी विवादित वरासत होते हुए भी तत्कालीन लेखपाल अजय कुमार यादव व राजस्व निरीक्षक धर्मप्रकाश सिंह द्वारा वरासत दर्ज की गयी, जिसमें ये प्रथम दृष्टया दोषी पाये जाते हैं। वरासत का आवेदन भी प्रधानपति रामप्रताप द्वारा किया गया है, जिसमें प्रथम दृष्टया इनकी दुरभिसंधि भी प्रतीत होती है।वरासत होने के बाद माया देवी द्वारा गाटा संख्या-34 रकबा 0.080 में से रकबा 0.0245 हे0 रु0 66,67,920/- में पंचायतराज देवरिया को ग्राम पंचायत भवन निर्माण हेतु बैनामा किया गया है। इस धनराशि रू0 66,67,920/- का भुगतान माया देवी के बैंक खाता संख्या-62120100001941 में दिनांक 06.07.2025 को की गयी है। माया देवी के बैंक खाते में धनराशि आने के बाद इनके खाते से प्रधानपति रामप्रताप के खाते में दिनांक 11.07.2026 को रू0 15,00,000/- तथा सफाई कर्मी रामराज प्रसाद के खाते में रू0 8,00,000/- भेजा गया है। पुनः दिनांक 17.07.2026 को रु0 7,00,000/- सफाईकर्मी रामराज प्रसाद के खाता से प्रधानपति रामप्रताप के पुत्र राहुल प्रताप सिंह के खाते में भेजी गयी है तथा रु0 1,00,000/- कैश दिया गया है। उपयुक्त अन्तरण एवं भुगतान के सम्बन्ध में सम्बन्धित हस्ताक्षर अफठनीय 18/3/26 सभी व्यक्तियों के बयान लिये गये। उक्त अन्तरण एवं भुगतान का कोई सुलभ कारण माया देवी, रामप्रताप (प्रधान पति), सफाई कर्मी रामराज प्रसाद द्वारा नहीं दिया गया। इससे इस सम्भावना को बल मिलता है कि माया देवी को फेकू की पत्नी स्थापित कर सरकारी धन का बन्दरबाट माया देवी, प्रधानपति रामप्रताप, राहुल प्रताप सिंह व सफाई कर्मी रामराज प्रसाद द्वारा किया गया है। अतः मुख्य राजस्व अधिकारी देवरिया की रिपोर्ट एवं जिला पंचायत राज अधिकारी के आदेश पत्रांक 4498 दिनांक 12 मार्च, 2026 के क्रम में आपसे अनुरोध है कि उपरोक्त के वर्णित व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने का कष्ट करें।
मईल पुलिस ने केस दर्ज करते हुए मामले में विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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