वाणी के ओज से विपिन नंदन शुक्ल ने जन जन के मन में उतरा कृष्ण का बालपन। भाव विभोर हुए श्रोता।
श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की कथा सुन झूमे श्रद्धालु।

स्वाभिमान जागरण संवाददाता धानी बंग्ला महराजगंज।
बृजमनगंज के हरनामपुर में चल रहे शतचंडी महायज्ञ के श्रीमद भागवत कथा में बुधवार रात कथा वाचक विपिन नन्दन शुक्ल ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा सुनाई।
कथा वाचक ने कहा कि जैसे शरीर की शुद्धि के लिए स्नान जरूरी है, वैसे ही आत्मा की शुद्धि के लिए ‘हरि-कथा’ का श्रवण अनिवार्य है। जब जब अत्याचार बढ़ा भगवान किसी न किसी रूप में जन्म लेकर अत्याचारी का नाश किए है अत्याचारी कंस ने आकाशवाणी के बाद अपनी बहन देवकी और वासुदेव को कैद कर लिया था, क्योंकि यह भविष्यवाणी हुई थी कि उनकी आठवीं संतान कंस का अंत करेगी।कंस ने देवकी के सात बच्चों को मार डाला था। भगवान कृष्ण के जन्म लेते ही कारागार के ताले टूट गए और पहरेदार सो गए। वासुदेव जी ने नवजात कृष्ण को एक टोकरी में रखकर उफनती यमुना नदी पार की, जहाँ शेषनाग ने उन्हें छाया प्रदान की। उन्होंने कृष्ण को गोकुल में नंद-यशोदा के पास छोड़ा और उनकी जगह जन्मी कन्या को लेकर मथुरा लौट आए। श्रीकृष्ण भक्ति भजन से श्रोता जमकर थिरके। इस अवसर पर झांकी कलाकारों ने विभिन्न देवी देवताओं की झांकी प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोहा। मुख्य अतिथि के रूप में युवा समाज सेवी आशीष जायसवाल ने पहुंच कर व्यास जी आरती उतार कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर आयोजन समिति के अध्यक्ष राजेश्वर गुप्ता, सिद्धेश्वर चौरसिया, अनिल चौधरी, धर्मेंद्र चौहान, शीतलाल गुप्ता, मनोज यादव, आदर्श जायसवाल, ओमकार जायसवाल, शत्रुध्न, विशाल सहित अन्य मौजूद रहे।



