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वर्ष प्रतिपदा पर मझौलीराज में निकला भव्य पथ संचलन, स्वयंसेवकों ने दिया संस्कृति संरक्षण का संदेश

 

 

 

वर्ष प्रतिपदा पर मझौलीराज में निकला भव्य पथ संचलन, स्वयंसेवकों ने दिया संस्कृति संरक्षण का संदेश

*बौद्धिक सत्र में क्षेत्रीय बौद्धिक प्रमुख ने नववर्ष के वैदिक महत्व पर डाला प्रकाश*

*“स्वाधीनता से स्वतंत्रता की यात्रा में सबकी भागीदारी जरूरी” — पंच परिवर्तन पर जोर*

*नगर भ्रमण कर पुनः इंटर कॉलेज पहुंचा संचलन*

रविशंकर तिवारी/ स्वाभिमान जागरण मईल

*मईल , देवनगर:* रविवार को वर्ष प्रतिपदा के अवसर पर देवनगर जिले के मझौलीराज में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों द्वारा भव्य पथ संचलन निकाला गया। संचलन से पूर्व आयोजित बौद्धिक सत्र में स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय बौद्धिक प्रमुख मिथिलेश जी ने कहा कि वैदिक काल से ही चैत्र प्रतिपदा को हमारे पूर्वजों ने नववर्ष के रूप में स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि इसी दिन सृष्टि का आरम्भ ब्रह्मा जी द्वारा किया गया तथा यह पूजनीय डॉ. हेडगेवार जी का जन्मदिवस भी है।
उन्होंने कहा कि संघ वर्ष में मनाए जाने वाले छह उत्सवों में वर्ष प्रतिपदा प्रथम स्थान रखता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारत 15 अगस्त को स्वाधीन तो हुआ, लेकिन वास्तविक स्वतंत्रता तभी मिलेगी जब हम अपनी सभ्यता और संस्कृति के अनुरूप जीवन शैली अपनाएंगे।
उन्होंने “स्वाधीनता से स्वतंत्रता” की यात्रा को पूर्ण करने के लिए सभी को सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने पंच परिवर्तन—कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्व का जागरण एवं नागरिक कर्तव्य—को जीवन में अपनाने पर जोर दिया। साथ ही भेष, भूषा, भाषा, भोजन, भवन और भ्रमण में भारतीयता को अपनाने की प्रेरणा दी।
पथ संचलन बलभद्र नारायण इंटर कॉलेज मझौलीराज से प्रारंभ होकर भाटपार रानी मोड़ होते हुए सलेमपुर मार्ग से नगर के विभिन्न हिस्सों से गुजरता हुआ पुनः इंटर कॉलेज पहुंचा।

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