
पांडे एन डी देहाती /स्वाभिमान जागरण
कला का भाव अंदर से प्रस्फुटित होता है। हुनर ज़ब जूनून बन जाए तो कलाकार दुनिया में छा जाता है। किसी कलाकार के अंदर के भाव को समझने के लिए संवेदना और मानवीय मूल्य को समझना होता है। कलाकार पर जिस देवी देवता, साधु -संत, महापुरुष, स्टार, अफसर की कार्यसंस्कृति का बेहतर छाप पड़ता है उसका अक्स उसके कला के रूप में बाहर आ ही जाता है।
देवरिया जिले के लार क्षेत्र के अभिजीत कुशवाहा पुत्र बहुगुणा कुशवाहा अनोखी कला के मास्टर हैं। अभिजीत ग्रेफाइट पेंसिल का उपयोग करके कागज़ पर रेखाओं, छाया और बनावट के माध्यम से चित्र तैयार करते हैं। महत्वपूर्ण लोगों के पेन्सिल ड्राइंग बनाने की कला में माहिर अभिजीत आज सलेमपुर की लोकप्रिय उपजिलाधिकारी दिशा श्रीवास्तव की ग्रेफाइट ड्राइंग बनाकर उन्हें भेंट की।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ बनारस से बी एफ ए की पढ़ाई करने वाले इस होनहार युवा ने धीरेन्द्र ब्रह्मचारी, अनिरुधाचार्य, देवकीनंदन ठाकुर, भोजपुरी स्टार मनोज तिवारी की पेन्सिल ड्राइंग बना चुके हैं। कुम्भ में रेत पर बनाई इनकी कलाकृति को काफी प्रसिद्धि मिली थी। देवरिया के इस लाल को जिले के दो अधिकारी काफी पसंद हैं। जिनमें एक दिशा श्रीवास्तव भी हैं। यह कलाकार जिलाधिकारी दिव्या मित्तल की पेंटिंग बनाकर शीघ्र ही उन्हें भेंट करेगा।



