LIVE TVअपराधउत्तर प्रदेशदेवरियाब्रेकिंग न्यूज़

ऑपरेशन कन्विक्शन: दुष्कर्म व पाक्सो के दोषी को विशेष न्यायालय ने सुनाई 20 वर्ष सश्रम कारावास की सजा

ऑपरेशन कन्विक्शन: दुष्कर्म व पाक्सो के दोषी को विशेष न्यायालय ने सुनाई 20 वर्ष सश्रम कारावास की सजा

देवरिया। महिलाओं व बच्चों के विरुद्ध जघन्य अपराधों में त्वरित दोषसिद्धि हेतु चलाए जा रहे ‘‘ऑपरेशन कन्विक्शन’’ अभियान के अंतर्गत जनपद पुलिस की प्रभावी पैरवी से माननीय विशेष न्यायाधीश पाक्सो-1 देवरिया ने दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट के अभियुक्त को 20 वर्ष के सश्रम कारावास व अर्थदण्ड से दण्डित किया है।

पुलिस अधीक्षक श्री अभिजीत आर. शंकर के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के क्रम में थाना मईल पर पंजीकृत मु0अ0सं0-341/2015 धारा 376 भादवि व 5M/6 पाक्सो एक्ट के वाद में माननीय न्यायालय द्वारा आज दिनांक 24.07.2026 को निर्णय सुनाया गया। दोषी

शैलेन्द्र चौहान पुत्र महेन्द्र चौहान, निवासी ग्राम बकुची, थाना मईल, जनपद देवरिया को माननीय न्यायालय ने दोषी मानते हुए सजा सुनाया।

ज्ञातव्य है कि अभियुक्त पर थाना मईल क्षेत्र में वर्ष 2015 में दुष्कर्म व नाबालिग बालिका से गंभीर लैंगिक हमला करने का आरोप था। प्रकरण में पुलिस द्वारा साक्ष्यों के संकलन व विधिवत विवेचना के उपरांत आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।

माननीय विशेष न्यायाधीश पाक्सो-1 ने साक्ष्यों एवं अभियोजन के तर्कों से सहमत होते हुए अभियुक्त को धारा 376 भादवि एवं धारा 5M/6 पाक्सो एक्ट में दोषी पाया।
न्यायालय ने अभियुक्त को 20 वर्ष के सश्रम कारावास तथा ₹10,000/- के अर्थदण्ड से दण्डित किया। अर्थदण्ड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

विधिक प्रावधान:
– धारा 376 भादवि – दुष्कर्म के लिए दण्ड
– धारा 5M/6 पाक्सो एक्ट – 16 वर्ष से कम आयु की बालिका से गंभीर लैंगिक हमला

अभियोजन में सहयोग:
इस प्रकरण में अभियोजन की प्रभावी पैरवी विशेष लोक अभियोजक विपिन बिहारी मिश्र द्वारा की गई। कोर्ट मोहर्रिर म0का0 मदालसा सिंह, का0 सोनू यादव, थाना मईल के पैरवीकार का0 गोविंद यादव तथा मॉनिटरिंग सेल प्रभारी श्री दुर्गेश कुमार सिंह का सराहनीय योगदान रहा।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ‘‘ऑपरेशन कन्विक्शन’’ के तहत जनपद में महिला उत्पीड़न व पाक्सो से संबंधित मामलों में साक्ष्य संकलन, गवाहों की समयबद्ध उपस्थिति एवं न्यायालय में प्रभावी पैरवी कर दोषियों को कठोरतम सजा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!