खड़ी इमारत में बना रहे थे बेसमेंट; कैसे गिरी सत्य निकेतन में पांच मंजिला हॉस्टल की

दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला हॉस्टल की इमारत गिरने की खबर से हर कोई परेशान है। कई छात्र इस हादसे की चपेट में आ गए हैं। उन्हें मलबे से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए दिल्ली पुलिस केसाथ एनडीआरएफ की टीमें भी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई है।। जानकारी के मुताबिक बिल्डिंग के बेसमेंट में काम चल रहा था जिसके चलते इसकी नींव कमजोर हो गई और इमारत गिर गई। ये बिल्डिंग 80 गज की थी जिसमें हर फ्लोर पर पांच कमरे थे। रविवार होने के चलते ज्यादातर छात्र बाहर थे या फिर खाना खाने गए हुए थे।
बताया जा रहा है कि बेसमेंट का काम हो रहा था, जिसके चलते नींव कमजोर हो गई थी। नींव कमजोर होने के चलते इमारत गिरी है।
एनडीएमसी के वाइस चेयरपर्सन कुलजीत सिंह चहल ने कहा, इस घटना में बड़ी लापरवाही सामने आ रही है।
ऐसा लगता है कि मौजूदा इमारत में बेसमेंट बनाने का काम चल रहा था। यह बहुत दुखद घटना है। मैंने स्थानीय विधायक अनिल शर्मा से बात की, जो अभी मौके पर मौजूद हैं। MCD की पूरी टीम बचाव कार्य में लगी हुई है। दिल्ली सरकार और MCD हर जरूरी मदद दे रहे हैं। हम ईश्वर से अंदर फंसे सभी लोगों की सलामती की प्रार्थना करते हैं और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि जो भी इसके लिए ज़िम्मेदार पाए जाएं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
चश्मदीदों ने क्या बताया?
चश्मदीदों का कहना है कि दो बिल्डिंह ढही है उसका नाम हॉस्टल डेज है। ये बॉयज हॉस्टल था। इसके साथ ही एक और इमारत थी जिसमें पीजी चल रहा था। वो भी गिर गई है। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने तुरंत बचाव कार्य में मदद शुरू कर दी और मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए हाथों और उपलब्ध उपकरणों की मदद से मलबा हटाया।
डीएफएस के अनुसार, दमकलकर्मियों ने मलबे से कुछ लोगों को बाहर निकाला और उपचार के लिए नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया। हालांकि, मलबे में फंसे, बचाए गए या घायल लोगों की संख्या के संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।



