सैयद यासीन शाह की दरगाह पर जुटेंगे कई प्रांतों के जायरीन
सेल्हारापुर में 45वां सलाना उर्स का परचम कुसाई के साथ आगाज

स्वाभिमान जागरण संवाददाता
देवरिया। सेलहरापुर में सैयद यासीन शाह की दरगाह पर 45 वां सालाना उर्स धूमधाम से मनाया जाएगा। इसकी तैयारी पूरी हो चुकी है।
तीन दिवसीय उर्स में मुंबई, मध्य प्रदेश, बंगाल, यूपी और बिहार के कई जिलों से जायरीन यहां पहुंचने लगे हैं। सैयद यासीन शाह की दरगाह पर मंगलवार शाम को परचम कुसाई (झंडा बदल) कर उर्स का आगाज किया गया। बुधवार को गोसुल की रस्म तो बृहस्पतिवार को दिनभर चादरपोशी का कार्यक्रम चलेगा।
इस दौरान यहां परिसर में मेला लगता है। इसमें हर धर्म के लोग शिरकत करते है। वैसे बाबा की दरगाह पर प्रत्येक बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर मन्नतें मांगते हैं। मन्नतें पूरी होने पर दरगाह पर अगरबत्ती और गुलाब का फूल चढ़ाने की परंपरा है। दरगाह के अंदर महिलाओं के प्रवेश पर रोक है। वह बाहर से ही हाथों में गुलाब
फूल और पंखुड़ियां लिए मन्नतें मांगती हैं। फिर फूलों को इकट्ठा कर बाबा की दरगाह पर चढ़ाया जाता है।
गद्दी नसीन सैयद शकील अहमद शाह ने बताया कि मंगलवार की शाम को परचम कुसाई के साथ तीन दिवसीय उर्स का शुभारंभ हो गया। दूरदराज से आने वाले जायरीनों को ठहरने की समुचित व्यवस्थाएं कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि सैयद शाह बाबा का करीब 500 साल पुराना इतिहास है। वर्तमान में जहां दरगाह है, यहां पहले विशाल जंगल हुआ करता था। इसी में बाबा रहते थे। जंगल में ही उन्होंने समाधि ले ली।



