पेट्रोल व डीजल के कालाबाजारी में शासन प्रशासन नाकाम, किसान एवं आम उपभोक्ता त्रस्त।

स्वाभिमान जागरण संवाददाता महाराजगंज।
महराजगंज, डीजल व पेट्रोल के किल्लत व इसके कालाबाजारी से किसानों में जबरदस्त आक्रोश है। डीजल पेट्रोल के लिए रातदिन एक कर घंटों लाइन में खड़ा होकर किसान अपनी बारी का प्रतीक्षा कर रहे हैं। इसके बाबजूद उन्हें डीजल पेट्रोल नहीं मिल पा रहा है। है। पूरे जिले के सभी पेट्रोल पंपों महाराजगंज, सिसवा बाजार, निचलौल, घुघली, सिंदुरिया, ठूथीबारी, नौतनवा, सोनौली, कोल्हुई,बृजमनगंज, धानी, फरेंदा, लक्ष्मीपुर, पुरंदरपुर, मोहनापुर, रानियांपुर, चौक बाजार, पनियरा, मुजुरी,पर्तावल, आदि सभी पंपों का यही हाल है प्रशासन कुंडली मार कर बैठा है। लोगों को आवागमन एवं बीमार लोगों को भी समस्याओ का सामना करना पड़ रहा है।ऐसे में किसान धान का बेहन गिराने एवं उसकी सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। जिसे लेकर किसानों में हाहाकार मचा हुआ है। किसानों की चिंता दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। किसानों का कहना है, जिन खेतो मे धान के बेहन गिरा दिए गए हैं, वे सिंचाई के अभाव में सुख रहे हैं। ज्यादातर किसान तो डीजल के अभाव में अभी तक बेहन भी नहीं गिरा पाए हैं। डीजल के कालेबाजारी होने से किसान पम्पों से डीजल पाने से बंचित हो रहे है।
पंप वालों की मिलीभगत से क्षेत्र के प्रायः हर टंकी पर कालाबाजरियों के गिरोह सक्रिय हैं। किसानों का आरोप है की आपूर्ति विभाग भी इन कालाबाज़रियो के विरुद्ध कार्रवाई करने के बजाय मौन धारण किये हुए हैं। हालत अगर यही रहा तो स्थिति काफी विस्फोटक हो सकती है। किसानों का कहना है कि पंप पर कार्यरत कर्मचारी देर रात चुपके से निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत लेकर चुनिंदा लोगों में मनमानी ढंग से डीज़ल और पेट्रोल का वितरण कर रहे हैं। ऐसे में पंपों पर निरंतर हालात बिगड़ते जा रहे हैं। पंपों पर भेदभावपूर्ण वितरण व्यवस्था को लेकर अक्सर किसानों एवं पंप कर्मचारियों के बीच धक्का मुक्की और मारपीट की घटनाएं आम हो गई हैं।



