कहां सोएं हैँ जिम्मेदार…
बारिश में बर्बाद हो रहा सीएचसी लार का ऑक्सीजन प्लांट
ग्राउंड रिपोर्ट
एन डी देहाती /स्वाभिमान जागरण


सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लार में स्थापित होने के लिए लगभग एक माह पूर्व आया ऑक्सीजन प्लांट इन दिनों बारिश के बीच खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। गुरुवार सुबह हुई बारिश में प्लांट के उपकरण भीगते रहे, जिससे लाखों रुपये की इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजना पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, BHEL एवं EREDA के संयुक्त सहयोग से कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) योजना के तहत यह ऑक्सीजन प्लांट सीएचसी लार को उपलब्ध कराया गया है। 500 लीटर प्रति मिनट क्षमता वाला यह प्लांट प्रति मिनट 450 से 500 लीटर तक ऑक्सीजन का उत्पादन करने में सक्षम है। इसकी भंडारण क्षमता 18,000 लीटर है। प्लांट के संचालित होने पर अस्पताल के एमसीएच विंग में स्थित 45 बेडों को चौबीसों घंटे निर्बाध ऑक्सीजन आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
स्वाभिमान जागरण की टीम ने गुरुवार 11 जून की सुबह लगभग 8 बजे सीएचसी लार का निरीक्षण किया। उस समय लगातार बारिश हो रही थी और ऑक्सीजन प्लांट के सभी उपकरण खुले में रखे हुए बारिश में भीग रहे थे। हैरानी की बात यह रही कि उपकरणों को बारिश से बचाने के लिए किसी प्रकार का अस्थायी शेड या अन्य सुरक्षा व्यवस्था भी नहीं दिखाई दी।
ग्रामीण क्षेत्र में ऑक्सीजन प्लांट के आगमन से क्षेत्रवासियों में काफी उत्साह था। प्लांट आने के समय सोशल मीडिया पर इसके लिए श्रेय लेने और स्वागत करने की होड़ मची हुई थी। कोई अस्पताल प्रशासन को इसका श्रेय दे रहा था तो कोई जनप्रतिनिधियों की उपलब्धि बता रहा था। लेकिन आज जब लाखों रुपये की मशीनें बारिश में खराब होने के खतरे का सामना कर रही हैं, तब जिम्मेदार लोगों का ध्यान इस ओर आकर्षित होता नहीं दिख रहा है।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि इन मशीनों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर रखकर शीघ्र स्थापित कराया जाना चाहिए। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो लाखों रुपये की लागत से उपलब्ध कराई गई यह जीवनरक्षक व्यवस्था शुरू होने से पहले ही क्षतिग्रस्त हो सकती है।
क्षेत्रवासियों ने संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से ऑक्सीजन प्लांट को सुरक्षित रखने तथा जल्द से जल्द चालू कराने की मांग की है।
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