लोकसभा अध्यक्ष के नाम बरहज़ दोहरीघाट रेलमार्ग निर्माण सहित 8 मांगों का ज्ञापन दिया गया।

लोकसभा अध्यक्ष के नाम बरहज़ दोहरीघाट रेलमार्ग निर्माण सहित 8 मांगों का ज्ञापन दिया गया।
स्वाभिमान जागरण देवरिया
देवरिया 23 जुलाई। राष्ट्रीय समानता दल के प्रदेश अध्यक्ष संजयदीप कुशवाहा एवं समाजवादी पार्टी अनुसूचित प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष हरेराम आर्या के संयुक्त नेतृत्व में गुरुवार को बरठा चौराहा पर “सविनय निवेदन बैठक” आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र की रेल, सड़क एवं आधारभूत संरचना से जुड़ी विभिन्न जनसमस्याओं पर चर्चा की गई। बैठक के उपरांत कार्यकर्ताओं ने लोकसभा के मानसून सत्र में जनपद देवरिया की लंबित मांगों को उठाने की मांग करते हुए लोकसभा अध्यक्ष के नाम संबोधित ज्ञापन सलेमपुर के नायब तहसीलदार गोपाल जी को सौंपा।
ज्ञापन में बरहज बाजार से दोहरीघाट तक नए रेलमार्ग का निर्माण, मेमू ट्रेन संख्या 65115 एवं 65116 का बरहज बाजार तक विस्तार, ट्रेन संख्या 15004 चौरीचौरा एक्सप्रेस का गोरखपुर से शाम 6 बजे संचालित किए जाने, धर्मेर गांव तथा सलेमपुर रेलवे स्टेशन के आसपास अंडरपास निर्माण, बरहज बाजार, सिसई गुलाब राय, सतराव एवं देवराहा बाबा हॉल्ट स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल करने, कहाँव-गहिला-कल्यानी ताल क्षेत्र से जल निकासी के लिए स्थायी नाला निर्माण तथा गौरी बाजार–रुद्रपुर–कपरवार–बरहज को रेलमार्ग से जोड़ने की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही।
बैठक को संबोधित करते हुए संजयदीप कुशवाहा ने कहा कि देवरिया जनपद की उपेक्षित रेल एवं आधारभूत संरचना से जुड़ी मांगें वर्षों से लंबित हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से लाखों लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी, व्यापार को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से लोकसभा के मानसून सत्र में इन जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की।
हरेराम आर्या ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि रेलमार्ग विस्तार, अंडरपास निर्माण और जल निकासी जैसी मांगें सीधे जनता के जीवन से जुड़ी हैं। सरकार को क्षेत्रीय विकास के प्रति संवेदनशील होकर इन मांगों को तत्काल स्वीकृति प्रदान करनी चाहिए।
अनिल शर्मा ने कहा कि क्षेत्र के नागरिक लंबे समय से इन समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि जनहित की इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।
बैठक में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।



