आरोग्य मेले में डॉक्टर रहे नदारद, मरीज भटकते रहे
कोट जहांगीरनगर और पौली पीएचसी में चिकित्सक नहीं पहुंचे, फार्मासिस्ट ने बांटी दवाएं
खखरेरू फतेहपुर। स्वास्थ्य विभाग की ओर से रविवार को आयोजित आरोग्य मेले में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली सामने आई। कोट, जहांगीरनगर और पौली पीएचसी में चिकित्सकों की गैरमौजूदगी से इलाज के लिए पहुंचे मरीज परेशान रहे। कई मरीजों को चिकित्सक के बजाय फार्मासिस्ट से दवा लेकर लौटना पड़ा।
कोट पीएचसी में आयोजित आरोग्य मेले में कुल 31 मरीजों का पंजीकरण किया गया। इनमें अधिकांश मरीज डायरिया, बुखार, उल्टी और दस्त की शिकायत लेकर पहुंचे थे। लेकिन मेले में चिकित्सक भावना सिंह और एलटी संजीत चौधरी मौजूद नहीं थे। चिकित्सक की अनुपस्थिति में फार्मासिस्ट प्रदीप सिंह और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने मरीजों को दवाएं वितरित कीं।
इसी तरह पौली पीएचसी में 10 मरीजों का पंजीकरण हुआ, लेकिन यहां भी चिकित्सक के मौजूद नहीं होने से मरीजों में नाराजगी दिखाई दी। जहांगीरनगर पीएचसी में भी चिकित्सक के नहीं पहुंचने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पीएचसी में आए दिन चिकित्सकों की अनुपस्थिति बनी रहती है और कई बार केंद्र पर ताला भी लटका रहता है।
ग्रामीणों का कहना है कि आरोग्य मेले का आयोजन ग्रामीणों को उनके गांव के आसपास बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जाता है, लेकिन चिकित्सकों की अनुपस्थिति के कारण इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से आरोग्य मेले के दौरान सभी पीएचसी पर चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने की मांग की है।
इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धाता के अधीक्षक राजेंद्र कुमार ने बताया कि कोट पीएचसी की चिकित्सक भावना सिंह और एलटी संजीत चौधरी छुट्टी पर हैं। हालांकि, आरोग्य मेले के दौरान चिकित्सक की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि ऐसे में मरीजों को समुचित चिकित्सकीय परामर्श और उपचार कैसे उपलब्ध कराया जाएगा।



