धूमधाम से मनाया गया छठिहार लगा, छप्पन भोग

भगवान की अंतरंग शक्ति हैं योगमाया -गुरुश्री वेद प्रकाश

सलेमपुर। स्थानीय श्री मुरली मनोहर रास मंदिर सलेमपुर में चल रहे हैं सोलह दिवसीय श्री राधाकृष्ण जन्म महोत्सव के छठे दिन बड़े ही धूमधाम के साथ भगवान श्री कृष्ण का छठीहार मनाया गया जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए। श्री मुरली मनोहर मंदिर में प्रत्येक वर्ष छठी यार का उत्सव माता के निर्देशन में मनाया जाता है। आज के दिन सबसे पहले माताएं भगवान सहित सभी के पैरों में लाल-लाल महावर लगती हैं आंखों में काजल लगाती हैं एवं माता को श्रृंगार की सामग्री प्रदान करती हैं। इसके बाद एक माता बाल गोपाल को सभी भक्तों के गोद में देकर सबको बाल गोपाल के दर्शन करती हैं। इसके बाद माताएं भगवान के जन्म के गीत सोहर बधाई खिलौने आदि गाया गया। उसके बाद ही गायक भक्तों ने भगवान के सोहर बधाई एवं जन्म के गीत प्रस्तुत किए, जिसमें पूर्वांचल के मनोहर लीला गायक सुनील सनेही, चंदू चाहत, बंसी कुशवाह, जयकिशन राजभर, विद्या वर्मा, सरोज मद्धेशिया, कुंती चौरसिया, ओंकार नाथ गुप्ता, राजू श्रीवास्तव आदि ने अपने-अपने भजन प्रस्तुत कर सबको मंत्रम मुक्त कर दिया। प्रतिदिन की भांति कल भी दोपहर से ही माता ने भगवान के लिए छप्पन भोग तैयार करना प्रारंभ कर दिया। इसके अतिरिक्त शहर के लगभग बीस घरों से बाल गोपाल के लिए छप्पन भोग बनाकर लाया गया। उक्त अवसर पर प्रवचन करते हुए गुरुश्री वेद प्रकाश ने बताया कि जब कंस ने एक-एक कर देवकी के छः पुत्र मार डाले, सातवें गर्भ में भगवान के अंश स्वरूप श्री शेष जी जिन्हें अनंत भी कहते हैं, पधारे। उनके आने से देवकी जी को हर्ष और कंस के भय से शोक भी हुआ। विश्वात्मा भगवान ने देखा कि मुझे ही अपना स्वामी और सर्वस्व मानने वाले यदुवंशी कंस के द्वारा कष्ट पा रहे हैं, तब उन्होंने योगमाया को ब्रज में जाने का आदेश दिया। फिर योगमाया ने ही भगवान की लीला का संपादन किया। यह भगवान की अंतरंगा शक्ति हैं, जो भगवान की लीला में हर प्रकार से सहयोग करती हैं। यह अंतरंगा माया भगवान के भक्तों को अंतरंगता में ले जाती हैं, तथा यह योगमाया भक्तों को तो मोहती ही है भगवान को भी मोहित कर देती हैं।
उक्त अवसर पर राम रतन गुप्त, शंभू दयाल गुप्ता, रामविलास तिवारी, विजय जायसवाल, सुनील स्नेही, बंसी कुशवाह, जय किशन राजभर, विष्णु वर्मा, विद्या वर्मा, रामायण यादव, ओंकार नाथ, संजय कुमार गुप्ता, मनोज कुमार, लव वर्मा, सूरज वर्मा, मदन जी, अशोक कुमार, धर्मेंद्र यादव, डॉ ओ एस एन तिवारी, अतुल श्रीवास्तव, शंकर प्रसाद कुंती देवी, विद्यावती, माया देवी, सरोज देवी आदि भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


