सिंगापुर की उड़ान से पहले खुल गया ठगी का खेल, नौकरी का सपना दिखाकर तीन युवकों से 2.61 लाख ऐंठे, फर्जी वीजा-टिकट थमाकर दिल्ली एयरपोर्ट बुलाया

एयरपोर्ट पहुंचते ही एजेंट ने बंद किया मोबाइल, छह घंटे भटकने के बाद जांच में संदिग्ध निकला वीजा
सलेमपुर । विदेश में नौकरी और बेहतर भविष्य का सपना लेकर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे तीन युवकों के सपनों पर उस समय पानी फिर गया, जब उड़ान भरने से पहले ही उन्हें अपने साथ हुई जालसाजी का पता चला। सिंगापुर में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक एजेंट ने तीनों युवकों से कुल 2 लाख 61 हजार रुपये वसूल लिए। इसके बाद उन्हें वीजा और हवाई टिकट देकर दिल्ली एयरपोर्ट बुलाया गया। लेकिन एयरपोर्ट पहुंचते ही एजेंट ने अपना मोबाइल बंद कर लिया। घंटों इंतजार के बाद युवकों ने जब वीजा और टिकट की अपने स्तर से जांच कराई तो मामला संदिग्ध निकला। निराश होकर तीनों युवक ट्रेन से घर लौट गए।
फेसबुक के विज्ञापन से शुरू हुआ संपर्क
कोतवाली क्षेत्र के नवलपुर गांव निवासी हसन अली, भटनी थाना क्षेत्र निवासी शिवम मिश्रा और बिहार के सिवान जनपद निवासी शम्स आजम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर सिंगापुर में नौकरी से संबंधित विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में दिए गए संपर्क के माध्यम से उन्होंने एजेंट से संपर्क किया। एजेंट ने सिंगापुर की एक कंपनी में नौकरी दिलाने का भरोसा देते हुए तीनों से ऑनलाइन आवेदन कराया।
आवेदन के कुछ दिन बाद एजेंट ने वीजा खर्च के नाम पर तीनों युवकों से 87-87 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद उन्हें कुछ मेडिकल रिपोर्ट समेत अन्य दस्तावेज दिए गए और 14 सितंबर को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने के लिए कहा गया।
होटल तक का इंतजाम नहीं हुआ
एजेंट ने युवकों को दिल्ली में होटल की सुविधा उपलब्ध कराने का भी भरोसा दिया था। लेकिन दिल्ली पहुंचने पर होटल की कोई व्यवस्था नहीं मिली। मजबूर होकर तीनों युवकों को अपने खर्च पर होटल लेना पड़ा। इसके बावजूद सिंगापुर जाने और नौकरी मिलने की उम्मीद में वे एजेंट के निर्देशों का पालन करते रहे।
सोमवार को एजेंट ने देर शाम फ्लाइट होने की जानकारी देते हुए तीनों को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने के लिए कहा। बोर्डिंग से कई घंटे पहले ही युवक एयरपोर्ट पहुंच गए। वहां पहुंचकर उन्होंने एजेंट को फोन कर अपनी मौजूदगी की जानकारी देनी चाही, लेकिन एजेंट ने फोन उठाना बंद कर दिया।
फोन बंद होते ही गहराया शक
काफी देर तक फोन नहीं उठने पर युवकों को संदेह हुआ। कुछ समय बाद एजेंट का मोबाइल पूरी तरह बंद हो गया। एयरपोर्ट पर परेशान युवकों ने अपने संपर्कों के माध्यम से सिंगापुर के संबंधित अधिकारियों से वीजा की जानकारी लेने का प्रयास किया। जांच के दौरान उनके नाम से बताए जा रहे वीजा को लेकर संतोषजनक जानकारी नहीं मिल सकी। इससे युवकों को अपने साथ ठगी होने का यकीन हो गया।
सिंगापुर जाने के बजाय ट्रेन से लौटे
जिस एयरपोर्ट से तीनों को सिंगापुर की उड़ान पकड़नी थी, उसी एयरपोर्ट से उन्हें आखिरकार वापस लौटना पड़ा। करीब छह घंटे तक परेशान रहने के बाद तीनों युवकों ने सोमवार शाम नई दिल्ली से ट्रेन पकड़ी और अपने-अपने घरों के लिए रवाना हो गए।
विदेशी नौकरी के नाम पर फिर सामने आया फर्जीवाड़ा
इस घटना ने सोशल मीडिया पर विदेश में नौकरी दिलाने वाले विज्ञापनों की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आकर्षक वेतन और विदेश में नौकरी का सपना दिखाकर युवाओं से पहले रकम वसूली जाती है और बाद में फर्जी दस्तावेज थमा दिए जाते हैं। तीनों युवकों के साथ हुई घटना में भी रकम लेने से लेकर एयरपोर्ट पर बुलाने और फिर मोबाइल बंद कर गायब हो जाने तक का पूरा घटनाक्रम इसी तरह के फर्जीवाड़े की ओर इशारा कर रहा है।



