सर्पदंश के शिकार मासूम की इलाज के दौरान मौत, परिवार में मचा कोहराम
दो दिन उपचार के बाद कानपुर किया गया था रेफर, परिजनों का आरोप- अस्पतालों के चक्कर में नहीं मिला समुचित इलाज

दो दिन उपचार के बाद कानपुर किया गया था रेफर,
खखरेरू फतेहपुर नगर पंचायत खखरेरू के वार्ड नंबर 12 रामनगर में मंगलवार तड़के सर्पदंश के शिकार हुए मासूम की इलाज के दौरान मौत हो गई। दो दिन तक फतेहपुर मेडिकल कॉलेज में उपचार के बाद हालत में सुधार न होने पर चिकित्सकों ने उसे कानपुर रेफर किया था। परिजनों का आरोप है कि कानपुर ले जाने पर मासूम को अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद फतेहपुर लौटने पर भी भर्ती न किए जाने के बीच उसकी मौत हो गई।
रामनगर निवासी सुनील कुमार और उनके पुत्र अंकुश को मंगलवार तड़के करीब तीन बजे सोते समय सांप ने काट लिया था। परिजन दोनों को उपचार के लिए फतेहपुर स्थित मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां दोनों को भर्ती कराया गया। उपचार के बाद सुनील कुमार की हालत में सुधार होने लगा, लेकिन अंकुश की हालत गंभीर बनी रही।
परिजनों के मुताबिक, करीब दो दिन उपचार के बावजूद अंकुश की हालत में सुधार नहीं हुआ तो चिकित्सकों ने उसे कानपुर रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर कानपुर पहुंचे, लेकिन वहां अस्पताल में भर्ती नहीं किए जाने का आरोप है। इसके बाद वे अंकुश को लेकर वापस फतेहपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। परिजनों का कहना है कि यहां भी उसे भर्ती नहीं किया गया। इसी दौरान उसकी हालत बिगड़ गई और इलाज के अभाव में मौत हो गई।
मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का आरोप है कि रेफर किए जाने और अस्पतालों के चक्कर में समय निकलता गया और अंकुश को समुचित उपचार नहीं मिल सका। घटना को लेकर परिजनों में आक्रोश है।
परिजनों और स्थानीय लोगों ने बताया कि अंकुश पढ़ाई में होनहार छात्र था। मासूम की मौत से परिवार के साथ ही आसपास के लोगों में भी शोक है। परिजनों ने मामले में जिम्मेदार चिकित्सकों और अस्पताल प्रशासन की भूमिका की जांच कराए जाने की मांग की है।



