जगह -जगह पूजे गए भगवान विश्वकर्मा
लिवे फर्नीचर कंपनी हरखौली, भीखमछपरा में रामेश्वर तिवारी के यहां विशेष आयोजन


स्वाभिमान जागरण संवाददाता देवरिया। जिले में जगह जगह आज विश्वकर्मा पूजा की धूम रही। कल कारखाना से लेकर मकानों और दुकानों पर विविध कार्यक्रम आयोजित कर भगवान विश्वकर्मा की पूजा की गयी। प्रसाद वितरित हुआ। कई जगह भंडारा भी हुआ।

जिलेभर में बृहस्पतिवार को विश्वकर्मा पूजा श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाई गई। नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, मेडिकल कॉलेज से लेकर मशीनरी से जुड़े संस्थानों में भगवान विश्वकर्मा का विधि-विधान से पूजन किया गया। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। महार्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग में विधि-विधान से भगवान विश्वकर्मा का पूजन किया गया। इस दौरान महाविद्यालय, विभाग और कर्मचारियों की सुख-समृद्धि, उन्नति एवं कार्यक्षेत्र में निरंतर प्रगति की कामना की गई। इस अवसर पर डॉ. शालिनी, डॉ. सीमा, डॉ. मोहित, डॉ. मोज्जम और डॉ. अब्राजिता सहित अन्य लोग मौजूद रहे। प्राचार्य डॉ. रजनी ने सभी को विश्वकर्मा पूजा की शुभकामनाएं दीं। नगरपालिका परिषद देवरिया के जलकल परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अध्यक्ष अलका सिंह और अधिशासी अधिकारी संजय कुमार तिवारी ने भगवान विश्वकर्मा का पूजन किया। इस अवसर पर जेई पूजा शुक्ला, पुरुषोत्तम सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

हरखौली में लिवे फर्नीचर कंपनी पर आयोजित विश्वकर्मा पूजा पर एक समारोह को सम्बोधित करते हुए कंपनी के प्रबंध निदेशक अशोक वर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में श्रम, शिल्प और सृजन को सदैव सम्मान का स्थान दिया गया है। इसी परंपरा का प्रतीक है भगवान विश्वकर्मा जयंती। मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा देवताओं के दिव्य शिल्पकार और वास्तुकार हैं। उन्होंने देवताओं के लिए भव्य भवनों, अस्त्र-शस्त्रों और नगरों का निर्माण किया। इसी कारण कारीगर, शिल्पकार, इंजीनियर, तकनीकी कर्मचारी, मशीनों से जुड़े कामगार और विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों में कार्य करने वाले लोग इस दिन विशेष रूप से भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना करते हैं। हम भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर उन सभी कारीगरों, कर्मचारियों के उज्ज्वल भविष्य की मंगल कामना करते हैँ।


लार क्षेत्र के भीखमछपरा गाँव में रामेश्वर तिवारी के यहाँ विश्वकर्मा पूजा धूमधाम से मनाया गया। दरवाज़े को आकर्षक ढंग से सजाया गया। वाहनों की पूजा के साथ वाहन चालकों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर एक भंडारा का भी आयोजन हुआ जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भंडारा का प्रसाद ग्रहण किया।
क्षेत्र में लगभग हर गाँव में विश्वकर्मा पूजा की धूम रही। सुबह से ही लोग अपने वाहनों की धुलाई कर, दुकानों में साफ सफाई कर, अपने मशीनरी और कल पुर्जो को धो पोछ कर उसकी पूजा किये। जगह जगह विश्वकर्मा पूजा के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।



