न्यायालय के आदेश की अवहेलना कर कब्जे का आरोप, पुलिस टीम से अभद्रता और मारपीट
पुलिसकर्मी चोटिल, आरोपियों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने व धमकी देने का भी आरोप; उपनिरीक्षक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज

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दैनिक स्वाभिमान जागरण संवाददाता
खखरेरू फतेहपुर थाना क्षेत्र के आलमपुर गेरिया गांव में न्यायालय के यथास्थिति बनाए रखने के आदेश के बावजूद विवादित मकान में कब्जा करने और जांच के लिए पहुंची पुलिस टीम से अभद्रता व मारपीट करने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, मौके पर आरोपियों ने सरकारी कार्य में बाधा डालने के साथ विपक्षी पक्ष को जान से मारने की धमकी दी। मामले में एक आरक्षी के चोटिल होने की भी बात सामने आई है। पुलिस ने उपनिरीक्षक की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आलमपुर गेरिया निवासी बुतकाई पुत्र महावीर और चंद्रपाल पुत्र सूरजदीन के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। मामला अपर आयुक्त (न्यायिक), मंडल प्रयागराज के न्यायालय में वाद संख्या 275/26 के रूप में विचाराधीन है। पुलिस के मुताबिक, 23 मई 2026 को न्यायालय ने विवादित भूमि पर दोनों पक्षों को यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था।
आरोप है कि इसके बावजूद चंद्रपाल और उसके पुत्र रविशंकर, उमाशंकर साहू व रमाशंकर ने विवादित मकान में सामान रखकर वहां रहना शुरू कर दिया। शिकायत मिलने पर खखरेरू थाने के उपनिरीक्षक अखिलेश प्रसाद पुलिस बल के साथ मौके पर जांच करने पहुंचे। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई को लेकर आरोपियों ने पुलिसकर्मियों से गालीगलौज शुरू कर दी और विरोध करने पर मारपीट करने लगे। बीच-बचाव के दौरान आरक्षी प्रतीक यादव के चोटिल होने की बात कही गई है।
पुलिस का आरोप है कि इसके बाद आरोपी विपक्षी बुतकाई के घर में घुस गए और उनके परिजनों को जान से मारने की धमकी देने लगे। पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास करने पर उमाशंकर और रविशंकर ने कपड़े उतारकर अशोभनीय प्रदर्शन किया, जिससे मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई और पुलिस के सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न हुई।
इस संबंध में थाना प्रभारी सत्यपाल सिंह ने बताया कि चंद्रपाल, रविशंकर, उमाशंकर साहू और रमाशंकर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच के साथ आरोपियों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।



