सुरेश यादव के विचार आज भी जीवित, उन्हें आगे बढ़ाना होगा : अखिलेश
पीडीए को मजबूत कर 2027 में सरकार बनाने के लिए जुटें कार्यकर्ता

पूर्व मुख्यमंत्री ने रक्शा में पूर्व विधायक को दी श्रद्धांजलि
बोले—जो अपमानित हो रहा है, वही पीडीए का हिस्सा है
निर्धारित समय से सवा घंटे देरी से पहुंचे सपा अध्यक्ष
स्वाभिमान जागरण लार (देवरिया)। धरती पर जो आता है, उसे एक दिन दुनिया छोड़कर जाना पड़ता है, लेकिन उसके विचार हमेशा जीवित रहते हैं। पूर्व विधायक स्वर्गीय सुरेश यादव के विचार आज भी जीवित हैं। उन विचारों को जीवित रखना होगा और उन्हें आगे बढ़ाना होगा। यह बातें शुक्रवार को लार थाना क्षेत्र के रक्शा गांव में पूर्व विधायक सुरेश यादव की श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहीं।
उन्होंने कहा कि बलिया और देवरिया बहादुरों की धरती रही है। यहां के लोगों ने हमेशा संघर्ष और साहस का परिचय दिया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वर्ष 2027 में प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने के लिए पूरी मेहनत और एकजुटता के साथ जुट जाएं।
पीडीए को मजबूत करने का आह्वान
अखिलेश यादव ने पीडीए को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि जो अपमानित हो रहा है, वही पीडीए है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से समाज के वंचित, शोषित और उपेक्षित लोगों को साथ लेकर चलने तथा संगठन को मजबूत बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय सुरेश यादव के विचारों और संघर्ष की विरासत को आगे बढ़ाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
सवा घंटे देरी से पहुंचे अखिलेश
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने के लिए अपराह्न पौने दो बजे पहुंचना था, लेकिन वह निर्धारित समय से करीब सवा घंटे विलंब से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। उनके आगमन को लेकर समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह रहा। कार्यक्रम में उन्होंने दिवंगत पूर्व विधायक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों को आगे बढ़ाने और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटने का सन्देश दिया।



