चक्रवात की हवा और बारिश के कारण गिरी धान की खडी फसल, किसानों में चिन्ता।

स्वाभिमान जागरण संवाददाता बृजमनगंज महाराजगंज।
क्षेत्र में हो रही लगातार दो दिनों से हो रही बारिश से धान की खड़ी फसल को काफी क्षति पहुंची है। एक तो बूँदा बादी के बीच तेज हवाओं ने ज्यादातर धान की खड़ी फसल को जमीन पर गिरा दिया है। ऐसे में धान के सड़ने की संभावना बढ़ गई है। अब गिरी हुई धान की फसल को कम्बाइन अथवा किसी अन्य मशीन के जरिए काटना संभव नहीं है। दूसरे धान की कटाई के लिए मजदूरों की भारी कमी के चलते किसानों की चिंता काफी बढ़ गई है। इसके अलावा दो दिनों की बूंदा बादी से अब रवि की खेती अब अपने समय से नहीं हो पाएगी। एक तो किसानों के खेत में पहले नमी बनी हुई थी। अब लगातार दो दिनों से जो रही बूंदा बादी से कहीं खेत में ज्यादा पानी न हो जाए वरना किसानों की और समस्या बढ़ जाएगी।
नमी बढ़ने से ऐसे में किसानों के सामने धान के फसल की कटाई की बड़ी मुश्किल खड़ी हो
गई है। सबसे अधिक धन की फसल की बर्बादी बृजमनगंज क्षेत्र के फुलमनहा, लेहरा, मामी चौराहा, मिश्रावलिया, सोनाबंदी,बहादुरी, लेदवा, सौरहा, मैनहवा,सहजवाबाबू, गुजरौलिया,आदि गावों में हुई है। पूर्व प्रधान एवं सपा नेता दिलीप चौधरी ने जिला प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर मुआवजे और फसल बीमा योजना के तहत किसानों को क्षतिपूर्ति देने की मांग की है।



