उत्तर प्रदेशफतेहपुर

घरवासीपुर के डॉ. संदीप पाण्डेय ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया फतेहपुर का मान

गोवा में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का किया सफल संयोजन, 24 राज्यों सहित तीन देशों के शिक्षाविदों ने की सहभागिता

 

खखरेरु फतेहपुर जिले के घरवासीपुर गांव निवासी डॉ. संदीप कुमार पाण्डेय ने शिक्षा, शोध और अकादमिक गतिविधियों के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियों से जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। उनके नेतृत्व और संयोजन में 27 एवं 28 अक्टूबर को गोवा के रवींद्र भवन, मडगांव में उच्च शिक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। इस उपलब्धि से क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है।

घरवासीपुर निवासी कमला कान्त पाण्डेय के सुपुत्र डॉ. संदीप कुमार पाण्डेय के संयोजन में आयोजित इस संगोष्ठी का आयोजन इंडियन हेरिटेज पब्लिकेशन, उत्तराखंड और शासकीय महाविद्यालय कला, विज्ञान एवं वाणिज्य, केंपे (गोवा) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। संगोष्ठी का मुख्य विषय ‘उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता : अवसर, चुनौतियां एवं भविष्य की संभावनाएं’ रहा।

इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में देश के 24 राज्यों के साथ ही फिलीपींस, ताइवान और मलेशिया के प्राध्यापकों, शोधार्थियों एवं शिक्षाविदों ने सहभागिता की। संगोष्ठी में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव, शोध की नई संभावनाओं, तकनीकी चुनौतियों और भविष्य की शैक्षिक आवश्यकताओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

डॉ. पाण्डेय ने अपने संयोजन के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और अकादमिक संस्थानों को एक साझा मंच पर जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास किया। कार्यक्रम के दौरान संगोष्ठी में प्रस्तुत शोध-पत्रों की प्रोसीडिंग्स के प्रथम एवं द्वितीय भाग का विमोचन भी किया गया। शेष शोध-पत्रों के प्रकाशन की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा शिक्षा, साहित्य, शोध एवं लेखन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विद्वानों को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया गया।

डॉ. संदीप कुमार पाण्डेय के अब तक 80 से अधिक शोध-पत्र और 100 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वर्तमान में वह नैनीताल, उत्तराखंड में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनकी अकादमिक सक्रियता और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षिक आयोजनों के माध्यम से विद्वानों को जोड़ने की पहल को शिक्षा एवं शोध जगत में महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र के शिक्षाविदों, साहित्यकारों, शोधार्थियों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बधाई दी है। लोगों ने इसे फतेहपुर जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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