कड़ाके की ठंड में नगर पंचायत की अलाव व्यवस्था पर उठे सवाल, सोशल मीडिया पर मीम और रील वायरल

खखरेरू / फतेहपुर कड़ाके की ठंड को देखते हुए शासन द्वारा प्रदेश भर में सार्वजनिक स्थानों पर अलाव और रैन बसेरों की समुचित व्यवस्था के निर्देश जारी किए गए थे। इसी क्रम में संबंधित विभागों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में अलाव की व्यवस्था किए जाने के दावे भी किए गए।
लेकिन नगर पंचायत खखरेरू में की गई अलाव व्यवस्था इन दिनों सोशल मीडिया पर मज़ाक और नाराज़गी का विषय बनी हुई है। नगरवासियों द्वारा बनाए गए मीम और रील सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
नगर के बस स्टॉप और अपना बाज़ार के पास अलाव के नाम पर मिट्टी का ढेर से परिवर्तित लकड़ी के पुराने खूंथ पड़े होने का वीडियो और फोटो वायरल हो रहे हैं। लोग इन तस्वीरों पर तंज कसते हुए लिख रहे हैं कि “यह तो एक कलाकृति है, यह जलने वाली तो है नहीं, इसे अगले साल भी इस्तेमाल कर लिया जाएगा।”
कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स ने सवाल उठाया कि क्या सरकार इतनी गरीब हो गई है कि अलाव के लिए लकड़ी तक का इंतज़ाम नहीं कर पा रही, जबकि शासन द्वारा अलाव के लिए पर्याप्त बजट नगर पंचायत को आवंटित किया जाता है। वहीं कुछ लोगों ने अलाव के नाम पर बड़े पैमाने पर धन के बंदरबांट के आरोप भी लगाए हैं।
नगरवासियों का कहना है कि ठंड से बेहाल गरीब और राहगीरों की चिंता किए बिना केवल कागजी औपचारिकता पूरी की गई है। अलाव के नाम पर सिर्फ दिखावे की व्यवस्था कर दी गई, जिससे लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
फिलहाल नगर पंचायत प्रशासन द्वारा डाली गई कथित अलाव व्यवस्था की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहे हैं, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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