जिलाधिकारी ने 25-25 आईजीआरएस की असंतुष्ट फीडबैक का सत्यापन उप जिलाधिकारी को किए जाने का दिया है निर्देश
देवरिया में अब झूठी रिपोर्ट नहीं चल पाएगी

एन डी देहाती / देवरिया
मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई शिकायतों पर विभागीय अधिकारी अपने हिसाब से रिपोर्ट लगाकर निस्तारण दिखा देते थे। अब यह नहीं चल पायेगा क्योंकि जिलाधिकारी देवरिया आईजीआरएस को लेकर काफी गंभीर हैँ। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने माह मई के आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त असंतुष्ट फीडबैक वाले प्रकरणों के भौतिक सत्यापन हेतु सभी तहसीलों को 25-25 प्रकरण आवंटित करते हुए निर्देश दिए थे कि संबंधित उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार मौके पर पहुंचकर शिकायतों की वास्तविक स्थिति का परीक्षण करें तथा गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित कराएं।
जिलाधिकारी के इस निर्देश के क्रम में उपजिलाधिकारी बरहज हरिशंकर लाल को 16 तथा तहसीलदार बरहज को 9 प्रकरणों सहित कुल 25 आईजीआरएस प्रकरणों के भौतिक सत्यापन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। निर्देशों के अनुपालन में उपजिलाधिकारी बरहज ने आज जरार मानिक निवासी आवेदिका जरीना खातून एवं ठाकुर देवरिया निवासी फरियादी प्रतिभा देवी के प्रकरणों का मौके पर पहुंचकर सत्यापन किया।
सत्यापन के दौरान पाया गया कि जरार मानिक निवासी फरियादी अपने पट्टे की भूमि पर निर्माण कार्य करा रही थीं, जो सही पाया गया।
वहीं ठाकुर देवरिया निवासी फरियादी के प्रकरण में जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि उन्होंने भूमिधरी भूमि क्रय की है तथा अलग से रास्ते की मांग की है। जिस स्थान से रास्ता निकाले जाने की मांग की जा रही है, वह आबादी व बंजर की भूमि है तथा वहां कई परिवार निवास कर रहे हैं। ऐसे में वर्तमान स्थिति में आबादी की भूमि पर निवासरत लोगों को प्रभावित कर रास्ता निकालना व्यावहारिक एवं संभव नहीं पाया गया।



