शत-प्रतिशत नामांकन एवं आंगनबाड़ी में बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए जिलाधिकारी की ग्राम प्रशासकों से अपील

शत-प्रतिशत नामांकन एवं आंगनबाड़ी में बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए जिलाधिकारी की ग्राम प्रशासकों से अपील
स्वाभिमान जागरण देवरिया
देवरिया ।जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने जनपद के सभी ग्राम प्रशासकों से अपील करते हुए कहा है कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सबसे पहली आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश स्तर पर 1 अप्रैल 2026 से “स्कूल चलो अभियान” संचालित किया जा रहा है तथा जनपद में इसका द्वितीय चरण 2 जुलाई 2026 से प्रारंभ किया गया है। अभियान का उद्देश्य कक्षा 1 से 8 तक के प्रत्येक बच्चे का शत-प्रतिशत नामांकन एवं नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है।
जिलाधिकारी ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को शासन द्वारा निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, जूते-मोजे, स्वेटर, स्टेशनरी, पौष्टिक मध्यान्ह भोजन तथा स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ तभी संभव है, जब प्रत्येक पात्र बच्चा विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के पोषण, शारीरिक एवं मानसिक विकास तथा प्रारंभिक शिक्षा के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कुपोषण समाप्त करने और बच्चों को विद्यालयी शिक्षा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जानी आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने ग्राम प्रशासकों से आह्वान किया कि वे अपनी ग्राम पंचायतों में घर-घर संपर्क कर 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों का निकटतम परिषदीय विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित कराएं। साथ ही 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों की आंगनबाड़ी केंद्रों पर नियमित उपस्थिति बढ़ाने में सक्रिय सहयोग दें, ताकि उन्हें पोषण एवं प्रारंभिक शिक्षा का पूरा लाभ मिल सके।
उन्होंने ग्राम प्रशासकों से विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों का समय-समय पर अनुश्रवण करने, शिक्षकों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सहयोग करने तथा स्थानीय स्तर पर शैक्षणिक एवं पोषण संबंधी गतिविधियों की निगरानी करने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र एवं प्राथमिक विद्यालय कायाकल्प अभियान के सभी 19 मानकों से संतृप्त हों, ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
जिलाधिकारी ने विश्वास व्यक्त किया कि ग्राम प्रशासकों के सक्रिय सहयोग एवं जनसहभागिता से जनपद में शत-प्रतिशत नामांकन, नियमित उपस्थिति तथा बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं शिक्षा का लक्ष्य शीघ्र प्राप्त किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सभी के संयुक्त प्रयासों से देवरिया शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रदेश के अग्रणी जनपदों में अपनी पहचान स्थापित करेगा।



