निजी विद्यालयों की समस्याओं को लेकर प्रबंधकों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर उठाई आवाज।

स्वाभिमान जागरण संवाददाता महाराजगंज।
निजी विद्यालयों के सामने खड़ी मान्यता, यू-डायस, आरटीई प्रतिपूर्ति, फायर एनओसी व बिजली दर जैसी समस्याओं को लेकर राष्ट्रीय विद्यालय प्रबंधक संघ के लोग कलक्ट्रेट पहुंचे। प्रदेश महामंत्री परमानंद पांडेय के नेतृत्व में प्रबंधकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ग्यारह सूत्रीय ज्ञापन डीएम को सौंपा। संघ ने शिक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवहारिक बनाने व निजी विद्यालयों के संचालन में आ रही बाधाओं को दूर करने की मांग उठाई।
प्रदेश महामंत्री ने कहा प्रदेश के लाखों निजी विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन जटिल नियमों व लंबित प्रक्रियाओं के कारण उनके संचालन में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने तीन व पांच वर्षों से संचालित विद्यालयों को निर्धारित मानकों के अनुरूप स्थायी मान्यता देने, सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों को शीघ्र यू-डायस कोड उपलब्ध कराने व प्री प्राइमरी से कक्षा आठ तक के विद्यार्थियों का विवरण यू-डायस पोर्टल पर दर्ज करने की अनुमति दे। प्रबंधकों ने विद्यालय संचालकों के लिए दस लाख रुपए, शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए पांच लाख रुपए तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने, 15 मीटर से कम ऊंचाई वाले विद्यालय भवनों के लिए फायर एनओसी की अनिवार्यता समाप्त करने व प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग भी उठाई। साथ ही विद्यालयी वाहनों को जनसेवा की श्रेणी में
शामिल कर परिवहन विभाग के नियमों में व्यावहारिक छूट देने की अपील की।
संघ ने नए विद्यालयों की मान्यता के लिए खेल मैदान व 30 फीट चौड़ी सड़क की अनिवार्यता में संशोधन, आरटीई के तहत प्रतिपूर्ति राशि 450 रुपए से बढ़ाकर 15 सौ रुपये प्रतिमाह करने, 12 माह के आधार पर भुगतान सुनिश्चित करने व विद्यालयों पर घरेलू विद्युत दर लागू करने की मांग भी की। इसके अलावा सोलर ऊर्जा संयंत्र स्थापना पर 75 प्रतिशत सब्सिडी व भूमि संबंधी पूर्व मानकों को बहाल करने की मांग उठाई।
इस दौरान अनंत गुप्ता, विनय प्रकाश चौधरी, अमरनाथ पांडेय, मधुबन, नायब मौर्य, सुभाष यादव, राकेश गुप्ता, बृजभान, अखिलेश प्रजापति, आशीष, वरुण, उपेंद्र विश्वकर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


