36 घंटे की मूसलाधार बारिश बनी काल, कच्चा मकान ढहा; आठ वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत
मलबे में दबे दो सगे भाई, बड़ा भाई गंभीर; मां मवेशियों को चारा देने गई थी तभी हुआ हादसा

आवास योजना का लाभ न मिलने पर ग्रामीणों में आक्रोश, एसडीएम ने सरकारी सहायता का दिया भरोसा
लेखपाल पर धन उगाही के आरोप पर एसडीएम खागा हुवे मौन
फतेहपुर खागा ::- इस वक़्त की बड़ी खबर से आपको रूबरू करवा दें की फतेहपुर जनपद अंतर्गत नगर पंचायत खागा के गोपालपुर में लगातार 36 घंटे से हो रही बारिश ने एक परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। खागा कोतवाली क्षेत्र के गोपालपुर गांव में शनिवार तड़के करीब 4:30 बजे एक जर्जर कच्चा मकान अचानक भरभराकर ढह गया। मलबे में दबने से आठ वर्षीय मासूम आनंद सिंह की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका 11 वर्षीय बड़ा भाई गुड्डू गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ऐरायां ब्लॉक के गोपालपुर गांव निवासी रावेंद्र सिंह गुजरात के सूरत में मजदूरी करते हैं। गांव में उनकी पत्नी नीतू सिंह अपने दोनों बेटों के साथ कच्चे मकान में रह रही थीं। पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण मकान की मिट्टी की दीवारें और छत काफी कमजोर हो चुकी थीं।
शनिवार तड़के नीतू सिंह दोनों बच्चों को कमरे में सोता छोड़कर मवेशियों को चारा देने बाहर चली गईं। करीब 20 मिनट बाद अचानक तेज धमाके के साथ मकान की छत भरभराकर गिर गई। दोनों मासूम भाई मलबे के नीचे दब गए। मां की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को बाहर निकाला।
घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने आठ वर्षीय आनंद सिंह को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल गुड्डू की हालत नाजुक होने पर उसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। मृतक आनंद गांव के परिषदीय विद्यालय में कक्षा तीन का छात्र था। उसकी असमय मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
घटना की सूचना मिलते ही खागा कोतवाली पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया तथा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी। एसडीएम अश्वनी पांडेय ने घटनास्थल का संज्ञान लेते हुए राजस्व टीम को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को शासन की ओर से नियमानुसार आर्थिक सहायता और अन्य सरकारी सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएंगी।
अश्वनी पाण्डेय एसडीएम खागा से लेखपाल पर धन उगाही के गंभीर आरोप पर सवाल किया गया तो वो कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया
इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि पीड़ित परिवार ने कई बार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान दिलाने की मांग की थी, लेकिन आवेदन के बावजूद उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय लेखपाल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
लगातार बारिश के बीच हुए इस हादसे ने एक बार फिर जर्जर और कच्चे मकानों में रहने वाले गरीब परिवारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील मकानों का समय रहते सर्वे कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
इस दर्दनाक घटना ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सतर्कता,समय पर राहत और आवासीय सुरक्षा योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कितनी बड़ी आवश्यकता है।
स्वाभिमान जागरण की अपील
लगातार बारिश के दौरान यदि आपका मकान जर्जर, कच्चा या क्षतिग्रस्त है तो उसमें रहने का जोखिम न उठाएं। स्थानीय प्रशासन को तत्काल सूचना दें और सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। प्रशासन से भी अपील है कि संवेदनशील क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कर पात्र गरीब परिवारों को आवास योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।



