इंस्पेक्टर पर गोली चलाने वाले बदमाश को सात साल की कैद
कमर से सटकर निकली थी गोली, बेल्ट में लगा हैंडसेट हुआ था चकनाचूर; आठ साल बाद आया फैसला

चित्रकूट। दस्यु बबुली कोल गिरोह के साथ मुठभेड़ के दौरान तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक पर फायरिंग कर जानलेवा हमला करने के मामले में न्यायालय ने करीब आठ साल बाद फैसला सुनाया है। मामले में जेल में बंद बदमाश रज्जन पटेल ने न्यायालय के समक्ष अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। विशेष न्यायाधीश राममणि पाठक ने आरोपी को सात वर्ष के कारावास के साथ अर्थदंड से दंडित किया है।अपर जिला शासकीय अधिवक्ता गोपालदास के अनुसार, घटना 21 अक्टूबर 2017 की है। उस समय मारकुंडी थाने के प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार शुक्ला को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दस्यु बबुली कोल गिरोह का हार्डकोर सदस्य लवलेश कोल अपने साथियों के साथ माड़ो पहाड़ में मौजूद है। उसके साथ ललित पटेल गैंग का सदस्य रज्जन पटेल भी बताया गया था।सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने माड़ो पहाड़ पहुंचकर बदमाशों की घेराबंदी कर ली। पुलिस ने आत्मसमर्पण के लिए कहा, लेकिन बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस टीम ने भी मोर्चा संभाल लिया। करीब आधे घंटे तक दोनों तरफ से गोलीबारी होती रही। इसी बीच बदमाशों की ओर से आवाज आई कि उनके एक साथी को गोली लग गई है और इसके बाद वे जंगल की ओर भागने लगे।
पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। इसी दौरान एक बदमाश घायल अवस्था में झाड़ियों में पड़ा मिला। पुलिस टीम को नजदीक आता देखकर उसने भागने की कोशिश की और अचानक तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार शुक्ला पर गोली चला दी।
गोली इंस्पेक्टर की कमर से सटकर निकल गई। उनकी कमर में लगा वायरलेस हैंडसेट गोली की चपेट में आकर बिखर गया। इस घटना में इंस्पेक्टर बाल-बाल बच गए। पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घायल बदमाश को दबोच लिया। उसके कब्जे से रायफल और कारतूस बरामद किए गए।
पूछताछ में पकड़े गए बदमाश की पहचान बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के छीतूपुर मजरा ददरीमाफी निवासी रज्जन पटेल के रूप में हुई। पुलिस ने खून से लथपथ आरोपी को उपचार के लिए एंबुलेंस से अस्पताल भेजा। इसके बाद मामले में मुकदमा दर्ज कर विवेचना पूरी करने के बाद न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान करीब आठ वर्ष जेल में रहने के बाद आरोपी रज्जन पटेल ने न्यायालय के समक्ष अपना अपराध स्वीकार कर लिया। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश राममणि पाठक ने मंगलवार को फैसला सुनाया। न्यायालय ने आरोपी को सात वर्ष के कारावास तथा अर्थदंड से दंडित किया।इस फैसले के साथ वर्ष 2017 की उस मुठभेड़ से जुड़े मामले में न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ, जिसमें पुलिस अधिकारी पर बेहद नजदीक से गोली चलाए जाने की घटना सामने आई थी।



