सहकारी समितियों में खाद संकट गहराया, प्राइवेट दुकानदार किसानों से वसूल रहे मनमाना दाम
यूरिया खाद के लिए लगी लंबी लाइनें, ₹400 से ₹600 तक प्रति बोरी वसूली; किसानों की बढ़ी परेशानियाँ

खखरेरू/ फतेहपुर क्षेत्र में साधन सहकारी समितियों पर यूरिया खाद की मांग के अनुरूप आपूर्ति न होने से किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। कहीं समितियों के गोदाम खाली पड़े हैं तो कहीं उपलब्धता होने पर सुबह से शाम तक लंबी-लंबी लाइनें लगी रहती हैं। उधर, इसी कमी का फायदा उठाते हुए प्राइवेट खाद विक्रेता मनमाने दाम वसूलकर किसानों की मजबूरी का खुला शोषण कर रहे हैं।
किसानों ने बताया कि बाजार में खुलेआम प्रति बोरी यूरिया ₹400 से ₹600 तक बेची जा रही है। दुकानदार न तो सरकारी दर का बोर्ड लगाते हैं और न ही स्टॉक संबंधी कोई जानकारी उपलब्ध कराते हैं।
जहांगीर नगर स्थित अंबर ट्रेडर्स पर महंगे दामों में बिक्री की शिकायतें सबसे अधिक मिली हैं।
बिछियावां गांव के एक किसान अभय ने बताया:
घर से 8 किलोमीटर की दूरी में प्राइवेट दुकानदार अंबर ट्रेडर्स के पास खाद लेने के लिए पहुंचे थे जहां पर दुकानदार ने जबरदस्ती जिंक एवं सल्फर साथ में देकर यूरिया खाद दिया अगर समय पर फसल में खाद का छिड़काव नहीं किया गया तो फसल खराब हो रही थी इसलिए मजबूरी में महंगे दाम में खाद खरीदना पड़ा
किसानों का आरोप है कि डीएपी की कीमत जहां सरकारी दरों के अनुसार तय है, वहीं दुकानदार इसे ₹1800 प्रति बोरी तक बेच रहे हैं।
गौराहार के किसान महेश ने बताया:
सहकारी समिति में खाद की उपलब्धता न होने के कारण अंबर ट्रेडर्स खाद लेने के लिए आए थे जहां पर₹500 प्रतिबोरी खाद की बिक्री की जा रही है जिंक व सल्फर न लेने पर दुकानदार खाद नहीं देते हैं मजबूरी में महंगे दामों में यूरिया खाद खरीदना पड़ता है
कई गांवों में जारी है ओवररेटिंग का खेल
रक्षपालपुर, खखरेरू, दरियामऊ, आलमपुर, गेरियागेट, उमरामोड़, पौली आदि ग्रामीण इलाकों से भी किसानों ने लगातार ओवररेटिंग और जबरन बिक्री की शिकायतें की हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विभागीय निगरानी न होने के कारण प्राइवेट दुकानदारों को खुली छूट मिल गई है, जिसके चलते किसानों की लूट लगातार जारी है।
इस संबंध में उप जिलाधिकारी नवनीत कुमार ने बताया कि की जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

