छोटे राज्यों के मजबूत हिमायती थे बाबा साहब : प्रवीण पांडेय बुंदेलखंडी
मूर्तियों में नहीं, किताबों में बाबा साहब को देखें

खागा फतेहपुर ::- गुरसंडी स्थित निष्पक्ष देव विद्या मंदिर इंटर कालेज में गुरुवार को बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर समरसता भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बाबा साहब के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया गया।
पर्यावरण पहरूवा प्रवीण पांडेय, केंद्रीय अध्यक्ष, बुंदेलखंड राष्ट्र समिति ने कहा कि “छोटे राज्यों के मजबूत हिमायती थे बाबा साहब। उन्हें मूर्तियों में नहीं, बल्कि उनकी किताबों और विचारों में देखना चाहिए।” उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. आंबेडकर ने अपना संपूर्ण जीवन सामाजिक समरसता, सामाजिक-आर्थिक-राजनीतिक लोकतंत्र की स्थापना और समतामूलक समाज के निर्माण में समर्पित किया। पांडेय ने बाबा साहब के महापरिनिर्वाण दिवस पर शत्-शत् नमन किया।
मुख्य वक्ता विद्या भारती ग्रामीण के प्रमुख आशुतोष कुमार ने कहा कि बाबा साहब का विचार समाज में समान अवसरों और न्याय की नींव है। समरसता भोज जैसे आयोजन सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम में मनीष पांडेय, आनंदी प्रसाद, रामनरेश, गिरीश चंद्र, रमेश प्रसाद, सुनीता देवी, चंद्रिका प्रसाद, सिंदू, प्रीतू, मनीष कुमार, प्रिया आदि ने बाबा साहब के जीवन, संघर्ष और उनके आदर्शों पर अपने विचार व्यक्त किए।
समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा, छात्र और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। आयोजकों ने सेवा बस्तियों में भी समरसता भोज आयोजित करने की अपील की, ताकि समानता और भाईचारे का संदेश व्यापक समाज तक पहुँच सके।
कार्यक्रम का समापन बाबा साहब के बताए सामाजिक न्याय, समता और मानवाधिकारों के सिद्धांतों को जीवन में उतारने के संकल्प के साथ हुआ।

