फतेहपुर

क्षेत्र बना अवैध कटान का अड्डा — प्रतिबंधित प्रजातियों के दो दर्जन से अधिक पेड़ों पर वन माफियाओं का तांडव

फतेहपुर/खखरेरू  थाना क्षेत्र में वन माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि प्रतिबंधित प्रजातियों के पेड़ों का अवैध कटान थमने का नाम नहीं ले रहा। हालात यह हैं कि पूरा थाना क्षेत्र मानो लकड़ी माफियाओं के लिए सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है।

क्षेत्र में लगातार सामने आ रही कटान की घटनाओं ने वन विभाग एवं स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रतिबंधित प्रजातियों के पेड़ों की खुलेआम कटाई के बावजूद वन विभाग की भूमिका बैकफुट पर नजर आ रही है। कार्रवाई और जुर्माने के नाम पर केवल औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं, जिससे क्षेत्र की हरियाली तेजी से समाप्ति की ओर बढ़ रही है।

दिनदहाड़े हुआ दो दर्जन से अधिक पेड़ों का कटान

ताज़ा मामला खखरेरू थाना क्षेत्र के भुरुही गांव का है, जहां वन माफियाओं ने प्रतिबंधित प्रजाति के नीम एवं शीशम के दो दर्जन से अधिक पेड़ों को दिन के उजाले में काट डाला। ग्रामीणों के अनुसार कटान इतनी योजनाबद्ध और संगठित तरीके से किया गया कि किसी को भनक तक नहीं लग सकी।

ग्रामीणों का आरोप है कि प्रतिबंधित पेड़ों के कटान के पीछे किसी न किसी स्तर पर संरक्षण प्राप्त है, तभी आए दिन इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रतिबंधित पेड़ कटान करने वाले ठेकेदार का नाम निजामुल, निवासी ग्राम शेखपुर बताया जा रहा है।

लगातार हो रहे अवैध कटान को लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। लोग सवाल उठा रहे हैं—

क्या वन माफिया इतने शक्तिशाली हो चुके हैं कि प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है?

क्या पर्यावरण संरक्षण के नाम पर केवल कागजी कार्रवाई ही की जा रही है?

क्षेत्र में बढ़ते अवैध कटान ने पर्यावरण संतुलन के लिए गंभीर खतरे की घंटी बजा दी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अवैध कटान पर तत्काल रोक लगाई जाए।

इस संबंध में वन क्षेत्र अधिकारी विवेक शुक्ला ने बताया कि “मामले की जानकारी प्राप्त हुई है। टीम भेजकर जांच कराई जा रही है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी

Dainik Swabhiman Jagran

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