
हुसैनगंज से धुन्नी सिंह,सदर से विक्रम सिंह के टिकट पर सबकी निगाह!
जिले में अपना दल एस के साथ-साथ निषाद पार्टी ने भी ठोंका दावा!
कमजोर कड़ी के रूप में देखे जा रहे हैं जहानाबाद विधायक!
समाजवादी पार्टी के पीडीए फार्मूले से बेचैन हैं सत्ताधारी!
सबका साथ सबका विकास नहीं सबको साधने की कवायद में लगी भाजपा!
कट सकता है एक विधायक का टिकट,एक विधायक व एक पूर्व विधायक के क्षेत्र परिवर्तन का चल रहा गुणा भाग!
आकाओं से मिले आश्वासनों के बाद कई नेता जनसंपर्क में जुटे!

मिशन-2027 को लेकर राजनीतिक दलों की शुरू कवायद के बीच टिकटार्थियों की चहल कदमी भी शुरू हो गई है।भारतीय जनता पार्टी के जिले की छ:विधानसभा सीटों में दावेदारों की संख्या 30 के पार पहुंच गई है लेकिन कुछ दावेदार अपना टिकट पक्का मान क्षेत्र में जनता के सेवक बनने को आतुर दिख रहे हैं।टिकट वितरण का भाजपा-सपा में शुरू मंथन लखनऊ की सत्ता पर कब्जे की कवायद में दावे कुछ भी किये जा रहे हों लेकिन समाजवादी पार्टी के पीडीए फार्मूले ने भाजपाइयों को बेचैन कर उनकी नींद उड़ा रखी है।
विधानसभा के अगले साल होने वाले चुनाव को ध्यान में रखकर ही जातीय समीकरणों को साधते हुए भारतीय जनता पार्टी ने विधान परिषद एवं राज्यसभा के टिकटों की घोषणा की है।मौजूदा समय में भारतीय जनता पार्टी की 05 विधानसभा सीटों में दावेदारी है जबकि एक सीट अपना दल(एस)के कोटे में है।खबर यह भी है कि इस बार अपना दल के साथ-साथ निषाद पार्टी ने भी अपना मजबूत दावा जिले की एक सीट पर ठोंक दिया है।भारतीय जनता पार्टी में जहानाबाद से राजेंद्र पटेल,खागा सुरक्षित से कृष्णा पासवान एवं अयाह शाह विधानसभा से विकास गुप्ता विधायक हैं।इनमें राजेंद्र पटेल को ही कमजोर कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।वहीं हुसैनगंज एवं सदर विधानसभा में भाजपा की हार के बाद समाजवादी पार्टी के कब्जे में हैं।हुसैनगंज विधानसभा में पूर्व मंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह की मजबूत दावेदारी के बावजूद कई अन्य अपनी किस्मत आजमाना चाह रहे हैं।जिस तरह से धुन्नी सिंह की शीर्ष नेतृत्व में मजबूत पकड़ है और उन्हें मुख्यमंत्री का करीबी माना जाता है उससे उनके टिकट कटने की संभावना न के बराबर है।दूसरा बड़ा कारण यह भी है कि हार जीत का अंतर कुछ भी रहा हो लेकिन धुन्नी सिंह के विकल्प के रूप में भाजपा किस नेता को अपना चेहरा इस सीट पर बनाएगी?धुन्नी सिंह उस क्षेत्र के इकलौते ऐसे नेता हैं जिनके पास अपना खुद का वोट बैंक हैं।
यही हाल सदर विधानसभा सीट का है।समाजवादी पार्टी की सरकार रहते उपचुनाव में विक्रम सिंह ने अपनी दमदार एंट्री मारी थी और 2017 के चुनाव में वह पुनःविधायक चुने गए।विक्रम सिंह अच्छे वक्ता हैं।प्रशासन में जन आवाज को मजबूती के साथ रखने का उनके अंदर हुनर है।ऊपर भी मजबूत पकड़ के साथ-साथ उनके हारने का अंतर 8601मत रहा जिससे उनके टिकट को भी फिलवक्त तक यह माना जा रहा है कि हुसैनगंज व सदर विधानसभा में धुन्नी सिंह और विक्रम सिंह को टिकट मिलेगा लेकिन सत्ता के गलियारे से एक खबर यह भी है कि समाजवादी पार्टी के पीडीए फार्मूले ने भारतीय जनता पार्टी को जिस तरह से बेचैन कर रखा है उससे संघ एवं भाजपा तीसरी बार प्रदेश की सत्ता पाने के लिए जनता से दूरी बनाने वाले कई विधायकों एवं मंत्रियों के टिकट काटने के मूड में है।इतना ही नहीं आंतरिक सर्वे और रिपोर्ट से कई विधायकों एवं पूर्व विधायकों के विधानसभा क्षेत्र में भी परिवर्तन किया जा सकता है।जिले में चार विधायक एवं पूर्व विधायक ऐसे हैं जो अपना क्षेत्र बदलना चाहते हैं।
जहानाबाद विधानसभा में विधायक राजेंद्र पटेल के अलावा वीके साहू,आदित्य पांडे,रेखा मिश्रा,राजेंद्र निषाद,जयंती वर्मा बिंदकी विधानसभा से कबीना मंत्री राकेश सचान,अभिषेक त्रिवेदी,आशीष मिश्रा,संतोष तिवारी,पुष्पराज पटेल,सदर विधानसभा से विक्रम सिंह मुखलाल पाल,जितेन्द्र सिंह पप्पू सिंह,उदय लोधी,अशोक मौर्य,विराज शास्त्री,अक्षय लोधी,अयाह शाह विधानसभा से विधायक विकास गुप्ता के अलावा धर्मेंद्र सिंह जनसेवक,अयोध्या पाल प्रमुख दावेदारों में सामने आए हैं।हुसैनगं विधानसभा में रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह,जिला पंचायत अध्यक्ष अभय प्रताप सिंह उर्फ पप्पू सिंह,संतोष सिंह राजू, खागा सुरक्षित से श्रीमती कृष्णा पासवान,पुष्पा पासवान,सुरेंद्र सोनकर और रेखा सरोज अपनी किस्मत आजमाना चाहती हैं।इसके अलावा एक दर्जन के करीब नेता ऐसे हैं जो भारतीय जनता पार्टी के टिकट से जिले की सीटों पर दमखम दिखाने को बेचैन दिख रहे हैं।सवाल यह उठता है कि किसका टिकट कटेगा और किसको मिलेगा?फतेहपुर में दावेदारों की लंबी फेहरिस्त है।एक सीट पर अपना दल(एस)एवं निषाद पार्टी में से किसी एक की दावेदारी पक्की-पक्की है लेकिन अपने आकाओं से मिले आश्वासनों के बाद कई भाजपा के दावेदार चुनाव मैदान में कूद जनसंपर्क करने में लग गए हैं।टिकट मिलेगा कि नहीं यह पता नहीं है!लेकिन आधा दर्जन मजबूत दावेदारों ने अपना टिकट पक्का मान रहे टिकटार्थियों को बेचैन कर रखा है।
खलबली तो अन्य दलों में भी देखने को मिल रही है
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM) की उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में पूरी तरह से एंट्री होने जा रही है और पार्टी ने अपनी तैयारियां भी तेज कर दी हैं।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने स्पष्ट किया है कि यदि समाजवादी पार्टी (SP) या अन्य विपक्षी दलों के साथ गठबंधन नहीं होता है, तो उनकी पार्टी अकेले लगभग 200 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। पार्टी ने श्रावस्ती जिले की भिनगा विधानसभा सीट से दद्दन खां को संभावित उम्मीदवार के रूप में घोषित करते हुए अपने चुनावी अभियान का आगाज कर दिया है। ओवैसी की मुख्य रणनीति उन सीटों पर फोकस करने की है जहां मुस्लिम आबादी अच्छी खासी संख्या में है।


