शिक्षा की अलख जगाकर चले गए रजनीश, आज दो विद्यालयों में दिख रहा उनका सपना
मटियरा जगदीश में मनी सातवीं पुण्य तिथि


शिक्षा की अलख जगाकर चले गए रजनीश
आज दो विद्यालयों में दिख रहा उनका सपना
संस्थापक स्व. रजनीश तिवारी की सातवीं पुण्यतिथि पर भावुक हुआ अंबेडकर इंटरनेशनल स्कूल परिवा
पांडे एन डी देहाती / स्वाभिमान जागरण देवरिया।
शिक्षा की अलख जगाने का सपना लेकर जिस शख्स ने करीब नौ साल पहले एक पौधा रोपा था, आज वह दो शिक्षण संस्थानों के रूप में आकार ले चुका है। बुधवार को लार ब्लाक के मटियरा जगदीश गांव स्थित अंबेडकर इंटरनेशनल स्कूल परिसर में संस्थापक स्वर्गीय रजनीश तिवारी की सातवीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उनके इसी सपने को याद कर विद्यालय परिवार की आंखें नम हो गईं।
विद्यालय परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शिक्षकों, कर्मचारियों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने स्व. रजनीश तिवारी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की निदेशक एवं स्व. तिवारी की धर्मपत्नी प्रतिभा तिवारी ने दीप प्रज्वलित कर तथा चित्र पर माल्यार्पण कर की।
इस मौके पर प्रतिभा तिवारी ने भावुक होते हुए कहा कि रजनीश तिवारी ने करीब नौ वर्ष पहले एक बड़े विजन के साथ अंबेडकर इंटरनेशनल स्कूल की नींव रखी थी। शिक्षा उनके लिए केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ी को बेहतर दिशा देने का मिशन था। शिक्षा के प्रति उनका समर्पण इतना गहरा था कि जीवन के अंतिम दौर में भी उन्होंने अपने सपने को आगे बढ़ाने का प्रयास जारी रखा।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2018-19 में उन्होंने पायनियर एकेडमी की नींव रखकर शिक्षा के क्षेत्र में एक और पौधा लगाया था। आज वह पौधा भी एक शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित हो चुका है और पिछले दो वर्षों से सफलता के साथ संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह उनके सपनों और संकल्प की जीवंत तस्वीर है।
प्रतिभा तिवारी ने कहा, “आज उनकी कमी बहुत महसूस होती है, लेकिन जब इन दोनों विद्यालयों में बच्चों को पढ़ते, आगे बढ़ते और अपने सपनों को आकार लेते देखती हूं तो लगता है कि रजनीश आज भी हमारे बीच हैं। उन्होंने जो शिक्षा की मशाल जलाई थी, उसे बुझने नहीं देंगे। दोनों विद्यालयों को उस ऊंचाई तक ले जाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी, जिसका उन्होंने सपना देखा था।”
श्रद्धांजलि सभा में मौजूद लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। वक्ताओं ने कहा कि किसी व्यक्ति का जीवन भले ही समाप्त हो जाए, लेकिन उसके विचार और उसके अच्छे कार्य समाज में लंबे समय तक जीवित रहते हैं। स्व. रजनीश तिवारी ने शिक्षा के क्षेत्र में जो नींव रखी, वह आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को संवारने का माध्यम बनेगी।
इस दौरान प्रधानाचार्य रामजीवन तिवारी, वेदप्रकाश तिवारी, अभिराम तिवारी प्रिंस, सानवी,सुशीला, अनंत राजवीर, शिक्षक संजय पांडेय, मिली यादव, अंकिता सिंह, अमरेंद्र सिंह, हिमांशु सिंह, अविनाश सिंह, जितेंद्र कुमार समेत विद्यालय परिवार के शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।



