खोही में बिना अनुमति अवैध प्लाटिंग का आरोप, लेखपाल की भूमिका पर उठे सवाल
बरहा हनुमान मंदिर के आगे देवी मंदिर के पीछे करीब 200 मीटर अंदर चल रहा प्लाटिंग का खेल, स्थानीय लोगों ने डीएम से कार्रवाई की मांग

चित्रकूट। चित्रकूट विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (सीएसडीए) के अंतर्गत आने वाले ग्राम खोही में बिना मानचित्र स्वीकृति और बिना अनुमति के कथित अवैध प्लाटिंग का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीतापुर-खोही मार्ग से करीब 200 मीटर अंदर, बरहा हनुमान मंदिर के आगे देवी मंदिर के पीछे कुछ स्थानीय लोगों द्वारा प्लाटिंग कराई जा रही है। आरोप है कि इस पूरे मामले में संबंधित हल्का लेखपाल और एक भाजपा नेता की कथित शह भी मिली हुई है।स्थानीय लोगों का कहना है कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी तरह की प्लाटिंग अथवा भूमि विकास का कार्य निर्धारित नियमों और स्वीकृति के बिना नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद खोही क्षेत्र में कथित तौर पर जमीन को छोटे-छोटे भूखंडों में बांटकर बिक्री की तैयारी की जा रही है।
पहले भी निलंबन का दावा
मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने वर्तमान में तैनात संबंधित लेखपाल की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि उक्त लेखपाल पूर्व में सीतापुर ग्रामीण क्षेत्र में तैनाती के दौरान अवैध प्लाटिंग से जुड़े मामले में निलंबित किया जा चुका था। स्थानीय लोगों का दावा है कि वर्तमान में खोही क्षेत्र में तैनाती के दौरान भी इसी तरह की गतिविधियों को संरक्षण दिए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।आरोप यह भी है कि खोही के साथ लगे बरगदहा पुरवा क्षेत्र में भी कथित तौर पर अवैध प्लाटिंग का कार्य कराया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
डीएम से जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी पुलकित गर्ग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि चित्रकूट विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण की अनुमति के बिना यदि प्लाटिंग कराई जा रही है तो तत्काल कार्य रुकवाकर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए।लोगों ने यह भी मांग की है कि पूरे प्रकरण में राजस्व अभिलेखों, भूमि के उपयोग, मानचित्र स्वीकृति और प्राधिकरण से जारी किसी भी अनुमति की जांच कराई जाए, ताकि स्पष्ट हो सके कि नियमों को दरकिनार कर किसके संरक्षण में प्लाटिंग का काम चल रहा है।
अब सवाल यह है कि प्राधिकरण क्षेत्र में नियमों की धज्जियां उड़ाकर चल रही कथित प्लाटिंग पर प्रशासन कब कार्रवाई करता है और जांच में लेखपाल समेत अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है या नहीं
रिपोर्ट सन्तोष कुमार चित्रकूट
दैनिक स्वाभिमान जागरण


