रामेश्वर हत्याकांड : परिजनों की मांग पर गाँव में राजस्व टीम तलाश रही अवैध कब्जा


सरकारी जमीन की पैमाइश में जुटा प्रशासन, अवैध कब्जा मिला तो चलेगा बुलडोजर
लार थाना के भीखम छपरा निवासी रामेश्वर तिवारी हत्याकांड के आरोपियों पर प्रशासन का शिकंजा और कसा जा रहा है। मजिस्ट्रेट की निगरानी में राजस्व निरीक्षक समेत नौ लेखपालों की टीम गाँव में पहुँच कर पैमाइश शुरू कर दी है।
रामेश्वर तिवारी हत्याकांड के आरोपियों पर पुलिस कार्रवाई के बाद अब प्रशासन ने भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आरोपियों और उनके परिवार द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किए जाने की शिकायतों की जांच के लिए रविवार दोपहर से भीखम छपरा गांव में सरकारी जमीनों की पैमाइश शुरू करा दी गई। राजस्व निरीक्षक और नौ लेखपालों की टीम गांव में जमीनों की पैमाइश कर रही है।
मृतक के परिजनों और ग्रामीणों की ओर से आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की मांग उठाई गई थी। इसी के बाद प्रशासन ने सरकारी जमीनों पर कब्जे की स्थिति स्पष्ट करने के लिए राजस्व टीम को मौके पर भेजा है। प्रशासन की कार्रवाई से गांव में हलचल बढ़ गई है।
बताते चलें कि रामेश्वर तिवारी हत्याकांड में दो बाल अपचारी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। वहीं रविवार भोर में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी के पैर में गोली मारकर उसे गिरफ्तार किया। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब राजस्व विभाग भी आरोपियों की संपत्ति और सरकारी जमीन पर संभावित कब्जे की जांच में जुट गया है।
प्रशासन की पैमाइश का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि आरोपी परिवार ने कहीं सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा तो नहीं कर रखा है। यदि जांच और पैमाइश में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे में अवैध निर्माण या कब्जे के खिलाफ बुलडोजर चलने की संभावना भी बढ़ गई है।
पैमाइश के लिए राजस्व निरीक्षक के साथ नौ लेखपालों की टीम लगाई गई है। टीम में लेखपाल पवन सिंह, रणजीत प्रसाद, सत्यप्रकाश, अरविंद पाठक, प्रदीप चौहान, इंदूप्रकाश पाठक, अंकित श्रीवास्तव, अभिनव कुमार मिश्रा और संजीव गुप्ता शामिल हैं।


